फिल्मी पर्दे पर अपनी खूबसूरती और दमदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीतने वाली अभिनेत्री कीर्ति सुरेश ने हाल ही में अपनी फिटनेस जर्नी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कुछ साल पहले उन्होंने लगभग 9 किलो वजन सिर्फ कार्डियो वर्कआउट से घटाया, बिना किसी फैड डाइट या दवाइयों के सहारे। हालांकि, अब वह मानती हैं कि इस तरीके के कुछ अनचाहे साइड इफेक्ट भी हुए।
2019 का फिटनेस एक्सपेरिमेंट
गल्लाटा डॉट कॉम को दिए इंटरव्यू में कीर्ति ने कहा,
“2019 में मैं थोड़ी चबी थी, मोटी नहीं कहूंगी, लेकिन हेल्दी बिल्ड थी। मैंने खूब कार्डियो किया। बिना स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के सिर्फ कार्डियो करने से मसल्स लॉस हो सकता है। मेरा वजन तो जल्दी घट गया और चेहरा भी स्कल्प्टेड लगने लगा, लेकिन जब आज 2019 की तस्वीरें देखती हूं तो चेहरा बहुत दुबला और कमजोर दिखता है।”
उन्होंने यह भी माना कि उस समय उनका लाइफस्टाइल हेल्दी नहीं था—
“मैं बस शूटिंग करती, खाती, घर आती और सो जाती। वर्कआउट की कोई रेगुलर आदत नहीं थी।”
क्यों सिर्फ कार्डियो काफी नहीं
फिटनेस एक्सपर्ट्स का मानना है कि कार्डियो (जैसे वॉकिंग, जॉगिंग, स्विमिंग, साइकलिंग) कैलोरी बर्न और हार्ट हेल्थ के लिए अच्छा है, लेकिन सिर्फ इसी पर निर्भर रहने से मसल्स कम हो सकते हैं। मसल्स मास न केवल मेटाबॉलिज्म बढ़ाता है, बल्कि बॉडी स्ट्रेंथ भी बनाए रखता है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सप्ताह में कम से कम 2-3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को कार्डियो के साथ शामिल किया जाए। इससे बॉडी कंपोज़िशन बेहतर होती है और “स्किनी-फैट” लुक से बचा जा सकता है, जिसमें वजन तो घटता है पर मसल टोन नहीं बनता।
अब कीर्ति का नया फिटनेस फॉर्मूला
आज कीर्ति सुरेश अपने फिटनेस रूटीन में स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को भी अहम जगह देती हैं। उनका फोकस अब सिर्फ जल्दी वजन घटाने पर नहीं, बल्कि लॉन्ग-टर्म हेल्थ पर है।
एक्सपर्ट्स के अनुसार, हफ्ते में 150–300 मिनट मीडियम-इंटेंसिटी कार्डियो या 75–150 मिनट हाई-इंटेंसिटी कार्डियो के साथ रेसिस्टेंस ट्रेनिंग का बैलेंस फिटनेस और बॉडी टोन, दोनों के लिए जरूरी है।
कीर्ति की कहानी इस बात की याद दिलाती है कि फिटनेस सिर्फ ज्यादा करने का नाम नहीं, बल्कि स्मार्ट तरीके से करने का खेल है।